Thursday, 22 March 2018

जिदंगी और फर्क

अमीरो और गरीबो मे फर्क बहुत है।
               क्‍योंकि
बुढापे मे सहारा बन जाये वो है गरीब
वृद्धाआश्रम मे छोड़ आये वो है अमीर
जिंदगी बहुत अलग है।
आज के लोगो मे फर्क बहुत है

अमीरो और गरीबो मे फर्क बहुत है।
               क्‍योंकि
विदेशी वस्‍तु का बाहिष्‍कार करता जाये वो है गरीब
'व्‍यापार' विदेशी वस्‍तुओं का बड़ताा जाये वाेे है अमीर
जिंदगी बहुत अलग है।
आज के लोगो मे फर्क बहुत  है

अमीरो और गरीबो मे फर्क बहुत है।
               क्‍योंकि
एक वक्‍त की रोटी खुश होकर खाता चला जाये वाेे है गरीब
भूखे को तड़पा -तड़पा कर मारता जाये वो है अमीर
जिंदगी बहुत अलग है।
आज के लोगो मे फर्क बहुत है

अमीरो और गरीबो मे फर्क बहुत है।
               क्‍योंकि
एक रूपये की कीमत जान जाये वाेे है।गरीब
रूपयोंं के लालसा बड़ती जाये वो है अमीर
जिंदगी बहुत अलग है।
आज के लोगो मे फर्क बहुत है

अमीरो और गरीबो मे फर्क बहुत है।
               क्‍योंकि
नियम कानूनों से डरकर अवैधता को हाथ लगायेे वो है गरीब
अवैधता भारे काम कर सीना चौड़ाा कर जाये वो है अमीर
जिंदगी बहुत अलग है।
आज के लोगो मे फर्क बहुत है

अमीरो और गरीबो मे फर्क बहुत है।
               क्‍योंकि
संघर्ष करते-करते जिंदगी जीत जायेे ' चंद्रशेखर  अाजाद' कहलाये वाेे है गरीब
वैभ्‍ाव ऐश्‍वर्य की जिंंदगी से हार जाये 'पापी रावण' कहलाये वो है अमीर
जिंदगी बहुत अलग है।
आज के लोगो मे फर्क बहुत है

Saturday, 17 March 2018

''स्‍वच्‍छता की धूम''

तुम हार नही तुम जीत नही तुुुुम्‍हें अपना कर्तव्‍य निभाना,
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें ही पर्यावरण स्‍वच्‍छ बनाना,
ऊँच-नीच का भेद मिटाकर  ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना  ।।

तुम गुरु नही तुम शिष्‍य नही तुम्‍हे अपना दृृृृढ़ सकंल्‍प बनाना
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें ही जंगली जानवरों के प्राण बचाना ,
धर्म - कर्म का भेद मिटाकर ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना  ।।

तुम गुलाम नही तुम आजाद नही तुम्‍हे अपना राष्‍ट्र नबंर वन पर लाना,
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना ।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें ही गंंदगी को साफ कराना ,
जात - पात का भेद मिटाकर  ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना ।।

तुुम वृक्ष नही तुम पहाड़ नही तुम्‍हें अपना पथ अटल बनाना
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना ।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें ही शाैैैचालयो का निर्माण कराना,
मित्र - शत्रु का भेद मिटाकर ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना ।।

तुुुम क्राॅॅॅग्रेस नही तुम भाजपा नही तुम्‍हे स्‍वच्‍छता का संगठन बनाना,
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना ।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें ही कूडे़दान का प्रबन्‍ध कराना,
दल - र्निदल  का भेद मिटाकर ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना ।।

तुम रूकाेे नही तुम थको नही  तुम्‍हें सदा ही बड़ते जाना,
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना ।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें कुुुुपोषण को दूर भगाना,
बड़े - छोटे का भेद मिटाकर ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना ।।

तुम नौकर नही तुम मालिक नही तुम्‍हे अपनी एकता की शक्ति पहचानना,
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना ।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें विदेशी चीजों का बाहिष्‍कार कराना,
माेेेल - भाव  का भेद मिटाकर ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना ।।

तम राम नही तुम रहीम नही तुम्‍हें अपनी इन्‍सानियत दिखाना,
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना ।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें  ही अपशिष्‍टो का नाश कराना,
बेेेेटा - बेटी  का भेद मिटाकर ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना ।।

तुम नेता नही तुम कुर्सी नहीं तुम्‍हें अपना भारत महान बनाना,
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें  ही भारतीय संस्‍कृति ऐतिहासिक धरोहर बचाना,
अपने - पराये  का भ्‍ाेेेद मिटाकर ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना ।।

तुम सूर नही तुम वीर नही तुम्‍हें स्‍वच्‍छता का विगुल बजाना,
मोदी का संदेशा मानो या मानो बापू का सपना ।
साकार तुम्‍हें ही करना है तुम्‍हें  ही  बिमारियों को लड़ना सिखाना,
उच्‍च- निम्‍न  का भ्‍ाेेेद मिटाकर ''स्‍वच्‍छ भ्‍ाारत अभियान'' चलाना ।।

Tuesday, 13 March 2018

एक कदम गौ रक्षा

बूचड़ खानाेे में  बंद गायो को हम आजाद कराये,
मालिक हिन्‍दु हो या मुस्लिम हर पापी को सजा दिलाये।
आओ  भारत मॉ की शान बढ़ाये,
गौ रक्षा की ओर हम अपना एक कदम बढ़ाये ।।

बूचड़ खानो पर आधारित अजीविका को हम समाप्‍त कराये,
बेरोजगार लोगाेे को रोजगार के अवसर देकर हिसंक व्‍यापार सेे बचाये ।
आओ  भारत मॉ की शान  बढ़ाये,
गाैै रक्षा की आेेर हम अपना एक कदम बढ़ाये ।।

बूचड़ खानो को खोलने वाले अपराधियों को हम सजा दिलाये,
''स्‍वच्‍छ भारत अभियान'' का  ध्‍वज पूरे भारत वर्ष मे फहराये ।
आओ  भारत मॉ की शान बढ़ाये,
गौ रक्षा की ओर हम अपना एक कदम  बढ़ाये।।

बूचड़  खानों को  बंद करवाने का हम दृढ़ संंकल्‍प बनाये ,
धर्म जाति का भेद मिटाकर इस कार्य मे लग जाये ।
आओ  भारत मॉ की शान  बढ़ाये,
गौ रक्षा की ओर हम अपना एक कदम  बढ़ाये ।।

बूचड़ खानो को अवैैैैधता को हम सबके सामने लाये,
भारत वासियों को कंलकित हाने से बचाये।
आओ  भारत मॉ की शान  बढ़ाये,
गौ रक्षा की ओर हम अपना एक कदम  बढ़ाये।।

बूचड़ खानो की जगह हम पशु शालाओं के निर्माण कराये ,
गाैै रक्षा के प्रति लोगो मे जनचेतना जागरूकता लाये।
आओ  भारत मॉ की शान  बढ़ाये,
गौ रक्षा की ओर हम अपना एक कदम  बढ़ाये।।

बूचड खानो मे तड़पते जानवरो काेे हम न्‍याय दिलवाये,
लोगो को जियो और जीने दो का संंदेश पहुंचाये ।
आओ  भारत मॉ की शान  बढ़ाये,
गौ रक्षा की ओर हम अपना एक कदम  बढ़ाये।।
   
बूचड़ ख्‍ाानो मे जानवरों की चीख सुनते ही लोगो की रूह कपने लग जाये ,
सौ बार सोचने पर भी बेजुवान जानवरों को कोई हाथ न लगा पाये।
आओ  भारत मॉ की शान  बढ़ाये,
गौ रक्षा की ओर हम अपना एक कदम  बढ़ाये ।।   

बूचड़ खानो को जड़ से मिटाकर थोड़ी इन्‍सानियत दिखाये,
एक बार फिर भारत को सु-स्‍वंंतत्र राष्‍ट्र बनाये ।
आओ  भारत मॉ की शान  बढ़ाये,
गौ रक्षा की ओर हम अपना एक कदम  बढ़ाये ।।

Sunday, 11 March 2018

भ्रष्‍टाचारी का आतंक

धर्म को अपना व्‍यापार बनाया है जब-जब,
आशाराम और रामरहीम जैसे राक्षस आये है तब-तब।
क्‍या आपको पता है भ्रष्‍टाचारी ने आपको रूलाया है कब-कब,
आज भी उम्र कैद की सजा मिलने पर अभी भी खुले आम घुम रहे है सब।।

गरीबों को भुख से तड़पाया है जब-जब,
हर रोज़़ तीन हजार कुुपोषित शिशु जन्‍म लेते है तब-तब।
क्‍या आपको पता है भ्रष्‍टाचारी ने आपको रूलाया है कब-कब,
आज भी 20 हजार लोग अभी भी कुपोषित समस्‍यायों का शिकार बन रहें है सब।।

बेटियों को भ्रुुुुण में मारा है जब-जब,
किसी को उस मां की चीख सुनाई नहीं दी तब-तब।
क्‍या आपको पता है भ्रष्‍टाचारी ने आपको रूलाया है कब-कब,
अभी भी बेटियों को जन्‍म देनें वाली मां को कोस रहे है सब।।

सैनिकों ने बलिदान दिया है जब-जब,
देश के प्रति प्रेम उमड़ आता है तब-तब।
क्‍या आपको पता है भ्रष्‍टाचारी ने आपको रूलाया है कब-कब,
रक्षा के लिए रक्‍त बहाने बालों के परिवार को भूल रहे हैं सब।।


लेखिका - साक्षी जैन (राघोगढ़, जिला गुना मध्य-प्रदेश)

Friday, 9 March 2018

बेटी की पुकार

 बेटी की पुकार 


किलकारियाँ सुनने से पहले, 
                           भ्रूण में मार दिया मुझे 
घर में रोशनी होने से पहले,  
                   बुझा दिया मुझे 
मेरी रूह भी बोल उठी थी,  
                               'माँ-पापा' बचा लो मुझे  
कुसूर क्या था मेरा,            
                         जो ठुकरा दिया मुझे 
दुनिया में आने से पहले,      
                                     नजर अंदाज कर दिया मुझे 
सपनो को पूरा होने से पहले,
                                     अपनो से दूर कर दिया मुझे 
    मेरी कहानी शुरू होने से पहले,
                                                   अपने ही सपनो से दूर कर दिया मुझे 
मेरी रूह भी बोल उठी थी, 
                                 'माँ-पापा' बचा लो मुझे 
कुसूर क्या था मेरा,           
                            जो ठुकरा दिया मुझे 
हाथ काँपने से पहले,         
                                    हैवानो ने गिरा दिया मुझे 
 इन्सानियत जागने से पहले,
                                शिकार बना लिया मुझे 
मेरी रूह बोल उठी थी,     
                               'माँ-पापा' बचा लो मुझे 
कुसूर क्या था मेरा,          
                          जो ठुकरा दिया मुझे 
जन्म लेने से पहले,           
                                      मौत के घाट उतर दिया मुझे 
रिश्ते निभाने से पहले,      
                                   एक बार याद करना मुझे 
मेरी रूह भी बोल उठी थी,
                                'माँ-पापा' बचा लो मुझे 
मेरी रूह भी बोल उठी थी ,
                                         'माँ-पापा' बचा लो मुझे। ........


                                                                           द्वारा- साक्षी जैन 


गुरु विद्या सागर

पथ नहीं पथित है आप जलता हुआ ज्ञान का दीपक है आप बेटियों को अंधकार से दूर किया ऐसे कुल दीपक है आप।। युद्व नहीं आप सघर्ष है आप लहूलुहान...